गाजर घास का पर्यावरण के लिए खराब माना जाता है, लेकिन उदयपुर जिले के कुराबड़ गांव निवासी असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सतीश कुमार आमेटा ने अब इस घास से खाद बनाने का आविष्कार कर किसानों को राहत देने की शुरुआत कर दी है.from Latest News राजस्थान News18 हिंदी https://ift.tt/36OJEmC

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