चित्तौड़गढ़ जिले के निंबाहेड़ा उपखंड मुख्यालय से 18 किलोमीटर दूर एक आस्था का अस्पताल है. बिनोता के खाकल देव मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आस्था के अस्पताल से कम नहीं है. यहां 150 फीट के पत्थर पर नागराज की प्रतिमा है. मंदिर पर स्थापित इस प्रतिमा का चमत्कार सुनकर दूरदराज से असाध्य रोगों से पीड़ित मरीज अपनी अरदास लेकर इस आस्था के अस्पताल में आते हैं. यहां बड़ी संख्या में जहरीले जानवर के काटे मरीज, शरीर के विभिन्न हिस्सों की गठिया, नासूर आदि के मरीज आस्था के साथ अपने इलाज के मंदिर पर आते हैं. दावा है कि मंदिर पर अपना इलाज कराने वाले मरीजों को अपनी पीड़ा वाले स्थान पर प्रतिमा के मुंह पर डेढ़ से 2 फीट लंबी नली से दर्द/बीमारी वाले स्थान पर लगाने पर ऐसा महसूस होता है कि कोई शक्ति अंदर से उनकी पीड़ा चूस रही है. श्रद्धालुओं के मंदिर की सीमा में आते ही पीड़ा से राहत भी महसूस होने लगती है.from Latest News राजस्थान News18 हिंदी http://bit.ly/2BXuaNu

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