कोटा के 125वें राष्ट्रीय दशहरा मेले में रावण दहन से पहले गढ़ पैलेस में दरीखाने की रस्म में एक बार फिर राजसी परम्पराओं की याद ताजा हुई. केसरिया साफे और जोधपुरी सूट में हाडौती भर की छोटी-छोटी रियासतों के राजपूत सरदार और ठिकानेदार दरिखाना रस्म में शामिल हुए. पूर्व महाराज बृजराज सिंह और पूर्व राजपरिवार के महाराज कुमार इज्यराज सिंह ने रीति रिवाज के तहत खेजड़ी का पूजन किया. सांसद ओम बिरला, विधायक भवानीसिंह राजावत, विधायक संदीप शर्मा, महापौर महेश विजय, मेला समिति के अध्यक्ष राम मोहन मित्रा और नगर निगम के आयुक्त जुगल किशोर मीणा भी पहुंचे. रस्म के बाद हाथी पर भगवान लक्ष्मीनारायण जी की सवारी गढ़ पैलेस से रवाना हुई. इसमें 5 झाकियां घोड़ा बग्गी में, 100 वानर सेना पैदल सैनिक, 100 रावण सेना पैदल, 31 घोड़े के साथ लोक कलाकार कच्छी और चकरी नृत्य करते हुए आगे निकले. खुली जीप में पूर्व राज परिवार के महाराज कुमार इज्यराज सिंह भी इसमें शामिल हुए और दशहरा मैदान में पहुंचकर रावण दहन किया. दरीखाने का रजवाड़ी लुक मेला देखने के लिए अमेरिका, जर्मनी, इंग्लैड, अस्ट्रेलिया के 72 विदेशी पर्यटकों का दल भी गढ़ पैलेस पहुंचा.from Latest News राजस्थान News18 हिंदी https://ift.tt/2Cybju2

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