जयपुर के जवाहर कला केंद्र के रंगायन सभागार में नाटक 'टाइपिस्ट' का मंचन हुआ. दिनेश प्रधान के निर्देशन में हुए इस नाटक में दो टाइपिस्टों की कहानी के जरिए जीवनचक्र में समाहित तत्वों को बखूबी दर्शाया गया है. नाटक में बताया गया कि एक विवाहित व्यक्ति, सपन अपनी सहयोगी व मध्यम आयु की अविवाहिता, रत्ना को अपने काम की रिपोर्ट करता है. सपन यहां अस्थाई तौर पर कार्य करता है और रात में कानून पढ़ता है. उसे अपने चाचा से मदद की उम्मीद है, जो कि एक सफल वकील हैं. रत्ना पर अपनी विधवा मां की जिम्मेदारी के साथ कुछ अपने सपने भी हैं. काम के दौरान दोनों पात्रों का आपस में परिचय होता है तो वे अपने जीवन की महत्वपूर्ण घटनाओं पर चर्चा करना शुरू करते हैं और अपने भविष्य की बातें भी करते हैं. नाटक में सपन का अस्थाई कार्यकाल बढ़ने लगता है और दोनों पात्रों की उम्र भी बढ़ने लगती है. नौकरी देने वाले अदृष्य व्यक्ति को लिखे दिल को छू वाले नोट के साथ इस नाटक का समापन होता है.from Latest News राजस्थान News18 हिंदी https://ift.tt/2LTEIRn

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